"ज़िंदगी में खुद को कभी किसी इंसान का 'आदी' मत बनाना। क्योकि इन्सान बहुत 'खुदगर्ज' होता है। जब आपको पसंद करता है तो आपकी 'बुराई' भूल जाता है। और जब आपसे 'नफरत' करता है तो वो आपकी 'अच्छाई' भी भूल जाता है।"
विचार तो अच्छा है ; किन्तु एक स्थान पर भूल से भूल की वर्तनी ठीक नहीं हो पाई है I मुद्रित सामग्री में इस तरह की भूलें खटकती हैं I कृपया ध्यान रखें I नमस्कार I
विचार तो अच्छा है ; किन्तु एक स्थान पर भूल से भूल की वर्तनी ठीक नहीं हो पाई है I मुद्रित सामग्री में इस तरह की भूलें खटकती हैं I कृपया ध्यान रखें I नमस्कार I
ReplyDeleteDhanyawad Satyaprakash Ji....Sudhar Kar Diya Gaya Hai. Kripya Marg Darshan Ke Liye Website Par Padharte Rahiye...
ReplyDelete