कुछ इस तरह से वफ़ा की मिसाल देता हूँसवाल करता है कोई तो टाल देता हूँउसी से खाता हूँ अक्सर फरेब मंजिल कामैं जिसके पाँव से काँटा निकाल देता हु
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